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शुक्रवार, 24 जुलाई 2020

coronavirus update II coronavirus update india II कोरोनावायरस अपडेट II कोरोना वायरस अपडेट इन इंडिया II

Manoj kumar

coronavirus update II coronavirus update india II कोरोनावायरस अपडेट II कोरोना वायरस अपडेट इन इंडिया II


कोरोना संक्रमण का खतरा आम से लेकर खास यानी हर किसी को है. इससे घबराएं नहीं, बल्कि बचने के सभी कारगर उपाय आजमाएँ और सकारात्मक सोच के साथ यह स्वीकार करें कि यह दौर भी गुजर जाएगा.....
corona virus
कोरोनावायरस अपडेट II कोरोना वायरस अपडेट इन इंडिया 

कोविड-19 के बारे में जैसा कि कहा जा रहा है कि यह चीन के वुहान शहर से फैला और दुनिया के 200 से अधिक देशों में महामारी बनकर कोहराम मचा रहा है. बीते पाँच माह से हर ओर घबराहट और डर का माहौल है लेकिन यह डरने का वक्त नहीं, बल्कि इसके प्रति सतर्कता बरतते हुए संक्रमण से बचने का है. इस तरह के वायरस के संक्रमण का यह कोई पहला मामला नहीं है. सन् 1918-19 में स्पेनिश फ्लू, 2002-2003 में सार्स, 2005 में फ्लू, 2009-2010 में स्वाइन फ्लू, 2014-2015 में इबोला और अब कोविड-19 ने खतरा फैलाया हुआ है. कोविड-19 एक संक्रामक बीमारी है, इसलिए 30 जनवरी 2020 को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे वैश्विक महामारी घोषित किया. तब से लेकर अब तक इसकी चपेट में दुनिया के लाखों लोग आ चुके हैं और लाखों लोगों की मौत भी हो चुकी है. हालांकि जिस तरह से लोग स्वस्थ होकर घर लौटकर रहे हैं, उससे यह साबित हो चुका है कि सावधानी के साथ सही जीवन शैली अपनाना और इससे बचने के सारे उपायों का पालन करना ही संक्रमण से बचने का पुख्ता इंतजाम है.


तीन तरह से फैलता है वायरस :-


इस वायरस का संक्रमण एक मनुष्य से दूसरे मनुष्य में मुख्यतः तीन प्रकार से फैलता है. यदि कोई व्यक्ति कोरोना पाजिटिव है तो उसके खांसने, छींकने या बात करने में लार की अतिसूक्ष्म बूंदे हवा या आसपास की जगहों पर गिर जाती हैं, जो संक्रमण का कारण बनती हैं. यदि कोई स्वास्थ्य व्यक्ति छींकते या खाँसते समय किसी संक्रमित व्यक्ति के करीब खड़ा है या उन वस्तुओं को छू लेता है, जहाँ रोगी के ड्रापलेट्स गिरे हैं तो स्वस्थ व्यक्ति भी इसकी चपेट में आ जाता है. सामान्यत: किसी संक्रमित रोगी के ड्रापलेट 6 फीट (दो गज) से ज्यादा दूर नहीं जा पाते हैं और हवा में ज्यादा देर तक टिकते भी नहीं हैं. अभी तक के निष्कर्षों के अनुसार यह हवा में 3 घंटे से अधिक देर तक नहीं टिक पाते हैं.


संक्रमण से बचाव और सावधानियाँ : coronavirus prevention


शारीरिक दूरी बनाकर रखें. आवश्यक न हो तो मेल-मुलाक़ात से बचें. हाथ मिलाने की जगह नमस्कार करें. भीड़भाड़ वाली जगहों पर कम से कम जाएँ. हमेशा मास्क का प्रयोग करें, इसमें सर्जिकल मास्क, रुमाल, गमछा या दुपट्टा भी प्रयोग में लाया जा सकता है. हाथों को साबुन, रनिंग वाटर और सेनेताईजर या पेपर-सोप से थोड़ी-थोड़ी देर में 20 सेकेण्ड तक धोएं.

इम्युनिटी है संक्रमण से बचाव का कवच : coronavirus prevention, coronavirus antibodies immunity, coronavirus immunity, कोरोना वायरस इम्युनिटी


किसी भी रोग से लड़ने के लिए हमारी इम्युनिटी का मजबूत होना बहुत जरूरी है और इसके लिए सबसे महत्वपूर्ण है, हमरा खानपान. ध्यान रहे कि हमें घर का बना पौष्टिक खाना ही खाना है और बाहर के खाने और फ़ास्टफ़ूड से दूरी बनानी है. बच्चों को कोरोना संक्रमण के बारे में पर्याप्त जानकारी दें. साथ ही उन्हें सकारात्मक तरीके से समझाएं कि बाहर का माहौल सेहत के लिहाज से सुरक्षित नहीं झी. हालांकि हमारे कोरोना वारियर्स इसके लिए जी-तोड़ मेहनत कर रहे हैं और स्थितियां जल्द ही बेहतर हो जाएंगी. हर बुराई के पीछे अच्छाई छुपी होती है, इसलिए यह मान लें कि कोविड-19 ने हमें स्वस्थ जीवनशैली अपनान के लिए प्रेरित किया है. संक्रमण के दौर में हमें अपना इसे दृढ़ बनाने के लिए कई तरीके अपनाए जा सकते हैं.

तनाव से रहें दूर :


काम का दबाव न कोरोना संक्रमण से पहले कम था, न अभी कम है. इसलिए यह हम पर निर्भर है कि हम किसी भी तरह के तनाव या मानसिक दबाव के शिकार नहीं होंगे. बुजुर्गों का अनुभव, किस्से व पुराने कहानियाँ बच्चों के दिमाग पर सकारात्मक असर डालती है. घर में हैं तो परिवार के साथ इस मौके का लुत्फ़ उठाइए. खाली समय में मनपसंद संगीत सुनें, डांस करें और हंसी मजाक का माहौल बनाएं. ये सारे उपाय आपके आत्मबल को मजबूत बनाएँगे. अध्यात्म से जुड़ा व्यक्ति हर तरह से काफी मजबूत होता है और यही मजबूती उसे विषम परिस्थितियों से निपटने के साहस देती है. अध्यात्मिक इम्युनिटी को मजबूत करने के लिए ईश्वर में ध्यान लगाएं और जरूरतमंदों की यथासंभव सहायता करें. किसी परेशानी में फंसे व्यक्ति की मदद करना अपने आप में एक अध्यात्म है.घर का वातावरण सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर बनाएं रखें.

कोरोना वायरस सबसे पहले हमारे फेफड़ों को प्रभावित करता है, इसलिए प्राणायाम जरूर करें. यह फेफड़ों के लिए वैक्यूम क्लीनर की तरह है. इसे तरह के संक्रमण से लड़ने की ताकत मिलती है. नियमित भाप लेना भी फेफड़ों के लिए लाभकारी है. इससे सीओपीडी, अस्थमा, एलर्जी आदि के मरीजों को बहुत राहत मिलती है और संक्रमण का खतरा कम रहता है.

कोविड-19 का परिक्षण :


कोविड-19 के संक्रमण से बचाने का सरकार हर प्रयास कर रही है. इसके लिए हर जिले में हेल्पलाइन नंबर दिए गए हैं. यदि संक्रमित हैं तो सूचित करिए. आपसे कोरोना संक्रमण से संबंधित कुछ सवाल किए जाएँगे और यदि जरूरी होगा तो
कोविड-19 परिक्षण किया जाएगा.

सतह या वस्तु पर वायरस की सक्रियता : how does coronavirus spread, how long does coronavirus last, how long does coronavirus last on paper, how long does coronavirus last on clothes, how long does coronavirus last on clothes fabric, how long does coronavirus last on clothes and surfaces,


अभी तक के नतीजों के अनुसार कोरोना वायरस किसी सतह या वस्तु पर अलग-अलग समय तक सक्रिय रहता है. हवा में 3 घंटे, तांबे पर 4 घंटे और कार्डबोर्ड/फ़ाइल में 24 घंटे तक, स्टेनलेस स्टील पर 2-4 दिन, प्लास्टिक पर 3 दिन, जूते/चप्पल में 5 दिन और संक्रमित जलाशय में कोई सप्ताह तक ठहरता है.
  

इन्हें है सबसे ज्यदा जोखिम :


कोविड-19 का जोखिम सबसे ज्यादा बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और बीमार लोगों को है. बीमार लोगों में भी वे लोग शामिल हैं, जो फेफड़ों की बीमारी, मधुमेह, ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, कैंसर, गुर्दा, लिवर आदि रोग से ग्रसित हैं. इसके अलावा कमजोर इम्युनिटी वाले लोग जैसे कुपोषण, फ़ास्टफ़ूड का सेवन, अस्वस्थ जीवन शैली, व्यायाम या योग न करना, तनाव/अवसाद से ग्रसित लोगों को इसके संक्रमण का खतरा अधिक होता है. जो लोग कोरोना संक्रमितों का इलाज कर रहे हैं या लैब अथवा अन्य तरीकों से कोरोना योद्धा की भूमिका निभा रहे हैं, उन्हें भी संक्रमण का जोखिम अधिक रहता है.

उपचार है वैक्सीन : coronavirus treatment, coronavirus treatment update, coronavirus vaccine latest update, coronavirus vaccine news, coronavirus vaccine news india, coronavirus vaccine news india in hindi


अभी तक कोविड-19 का कोई उपचार नहीं है और न ही इसकी वैक्सीन बनी है. यह एक वायरस संक्रमण है, इसलिए लगभग 90 प्रतिशत लोग कुछ दिनों में स्वतः ही ठीक हो जाते हैं. परन्तु जब गंभीर लक्षण दिखाई देते हैं, तो संक्रमित को अस्पताल या आईसीयू में भर्ती करना पड़ता है. अभी तक इसमें जो दवाएं इस्तेमाल की जा रही हैं, उनमें हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन, एजिथ्रोमाइसीन, डॉक्सीसाइक्लिन, मेक्टिन, डेक्सामेथासोन, ओसेल्टमीटर, रेमडेसिवीर, फेवीपिरवीर आदि हैं. भारत सहित कई देश इसकी वैक्सीन बनाने में प्रयासरत हैं. 

गुरुवार, 23 जुलाई 2020

पोषण से भरपूर परवल II परवल का वैज्ञानिक नाम II परवल के फायदे II parval ke fayde II parval benefits II parwal benefits in hindi

Manoj kumar

पोषण से भरपूर परवल II परवल का वैज्ञानिक नाम II परवल के फायदे II parval ke fayde II parval benefits II parwal benefits in hindi 


परवल की सब्जी सेहत के लिए बहुत अच्छी होती है, हालांकि यह शायद ही किसी की फेवरेट लिस्ट में आती होगी. बारिश के मौसम में प्रचुरता से मिलने वाली यह हरी सब्जी विटामिनों से भरपूर है, जो इसे एक बेहतरीन सुपर फ़ूड बनाते हैं.….
parval

परवल में मौजूद पोषक तत्व : परवल में विटामिन ए, विटामिन बी 1, विटामिन बी 2 और विटामिन सी और कैल्शियम भरपूर मात्रा में होते हैं, जो हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं. परवल में पोटेशियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस और कई अन्य सूक्ष्म पोषक तत्वों की अच्छी मात्रा होती है. इस सब्जी का सबसे अच्छा गुण है कि यह कैलोरी में बहुत कम (प्रति 100 ग्राम में मात्रा 24 कैलोरी) है और इसलिए परवल शरीर में कोलेस्ट्राल के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है. आयुर्वेद में परवल कई बीमारियों के इलाज के लिए उपयोग किया जाता है. यह त्वचा संक्रमण बुखार और कब्ज के इलाज के लिए भी इस्तेमाल किया जाता रहा है. परवल का वैज्ञानिक नाम Trichosanthes dioca है.

परवल के 5 स्वास्थ्य लाभ : parval ke fayde, parval benefits


1.    परवल फाइबर का समृद्ध स्रोत है. यह पाचन प्रक्रिया को प्रभावित करने में मदद करता है. 
2.    पानी के कम सेवन और शरीर में आयरन और मिनरल्स की कमी से कब्ज की समस्या होती है. परवल को बीज समेत खाने से आप कब्ज से छुटकारा पा सकते हैं. 
3.    परवल विभिन्न पोषक तत्वों और यौगिकों की उपस्थिति के कारण ऊतकों को साफ करके रक्त शुद्धि में भी मदद करता है, जिससे शरीर को रक्त शोधन में मदद मिलती है. 
4.    यदि आपका लक्ष्य वजन कम करना है, तो आप डाईट में परवल का चुनाव कर सकते हैं. यह आपको लंबेस समय तक तृप्त रखेगा. 
5.    परवल के बीज बेहद फायदेमंद होते हैं, इसलिए बीजों को भी खाने में इस्तेमाल करें. परवल के बीज शरीर में कोलेस्ट्राल स्तर को नियंत्रित करने और रक्त शर्करा के स्तर को कम करने में सहायक होते हैं. 

बुधवार, 22 जुलाई 2020

कई रोगों के लिए रामबाण है नीम neem ke fayde II neem ke fayde for skin in hindi

Manoj kumar

कई रोगों के लिए रामबाण है नीम neem ke fayde II neem ke fayde for skin in hindi II neem ki patti ke fayde hindi me II neem ke fayde for skin in hindi II neem ke pani ke fayde II नीम के फायदे II सुबह नीम की पत्ती खाने के फायदे II नीम की पत्ती पीने के फायदे II कड़वे नीम के फायदे


भले ही स्वाद में कड़वी होती हैं नीम की पत्तियां लेकिन आयुर्वेद के अनुसार इस पेड़ का हर भाग कई बीमारियों से दिलाता है राहत.........

neem ke fayde
कई रोगों के लिए रामबाण है नीम neem ke fayde II neem ke fayde for skin in hindi 

कोरोना संक्रमण का पुख्ता उपचार अभी नहीं मिला लेकिन इन दिनों ढेर सारे औषधीय पौधों को इम्युनिटी बढ़ाने के लिए प्रयोग में लाया जा रहा है. इन्हीं में से एक है नीम, जो हमारे लिए कई तरह से फायदेमंद साबित हो रही है. हर जगह आसानी से मिलने वाले नीम के पेड़ का हर भाग औषधीय गुणों से भरपूर होता है. आयुर्वेद में इसका प्रयोग कई बीमारियों में किया जाता है. त्वचा की अधिसंख्य बीमारियों से निजात पाने में नीम की पत्तियां, छाल, और निमौरी का इस्तेमाल अलग-अलग तरह से होता है.
कोविड-19 का संक्रमण अभी समाप्त नहीं हुआ और बारिश के चलते कई संक्रामक बीमारिया और वायरस से होने वाले रोगों का संक्रमण तेजी से फैलता है. इनमें स्किन डिजीज, फंगल और बैक्टीरियल इन्फेक्शन की बीमारियाँ हर उम्र के लोगों को घेरती हैं.

औषधीय गुणों से भरपूर neem ke fayde


नीम में प्रचुर मात्रा में एंटी बैक्टीरियल, एंटी फंगल और ब्लड प्युरिफाइंग गुण पाए जाते हैं.इन्हीं गुणों के कारण यह त्वचा और रक्त संबंधी विकारों को दूर कर आंतरिक रूप से हाइड्रेट करके पोषण देती हैं. सबसे अच्छी बात यह है कि इसके प्रयोग से किसी तरह का दुष्प्रभाव नहीं होता है. सन एक्सपोजर और अल्ट्रावायलेट रेडिएशन से त्वचा में होने वाली टैनिंग, डार्क सर्कल्स और ब्लैकहेड्स में नीम की पत्तियों का पैक राहत देता है. जिन्हें हेयर फाल, कम उम्र में बालों का सफ़ेद होना, डैन्ड्रफ, रूखे और बेजान बालों की समस्या है, वे नीम के तेल या फिर सरसों के तेल में नीम की पत्तियों को उबालकर सिर की नियमित मसाज करें. त्वचा के संक्रमण जैसे छाल को घिसकर लेप लगाएं. इसकी पत्तियों को उबालकर उसके पानी से नहाने पर त्वचा के संक्रमण से बचा जस सकता है. नीम की पत्तियों का काढ़ा या नीम बटी गोली का नियमित सेवन करने से इम्युनिटी बिगड़ने का खतरा काफी कम हो जाता है.

घरेलू प्रयोग : नीम के घरेलू नुस्खे, नीम के पेड़ का उपयोग, neem ke fayde


खाली पेट नीम पत्तियों का सेवन रक्त विकार में राहत देता है.
नीम की पत्तियों को पीसकर बच्चों को इसका अर्क पिलाने से पेट के कीड़े मर जाते हैं.
नीम की दातुन करने से मुँह व दाँतों के संक्रमण से छुटकारा मिलता है.
अनाज में नीम की पत्तियाँ डालकर रखने से उनमें कीड़े नहीं लगते हैं.
नीम की पत्तियों को जलाने से कई प्रकार के बैक्टीरिया नष्ट होते हैं अरु मच्छरों का प्रकोप कम होता है.

मंगलवार, 21 जुलाई 2020

coronavirus update india II अनलॉक- में खुद को बचाते हुए बढ़ना है आगे II how does coronavirus spread II how long does coronavirus last on paper

Manoj kumar

coronavirus update india II अनलॉक- में खुद को बचाते हुए बढ़ना है आगे II how does coronavirus spread II how long does coronavirus last on paper II how long does coronavirus last on clothes II coronavirus india II कोरोना वायरस का इलाज II कोरोना वायरस का इलाज कैसे होता है II कोरोना वायरस इम्युनिटी कैसे बढ़ाये


अनलॉक-1 में जनता को काफी छूटे दी गई हैं, लेकिन कोरोना के संक्रमण का खतरा भी बरकरार है. इससे बचने के लिए शारीरिक दूरी पौष्टिक आहार और स्वच्छता का ध्यान रखना जरूरी है. अगर हम बचाव के सामान्य उपायों को गंभीरता से लें तो निश्चित ही संक्रमण से सुरक्षित रहेंगे.......

corona virus

                       कोरोना वायरस



कोविड-19 के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. अनलाक-1 लागू होने के बाद से यह खतरा बढ़ गया है. ऐसे में संक्रमण को लेकर तनाव में आने से बचे. इस वक्त सरकार व समाज को मिलाकर ही काम करना होगा. इस महामारी की रोकथाम के लिए विज्ञान के नियमों को मानना जरूरी है और कोरोना से बचाव के लिए भीड़ से दुरी ही सबसे अहम टानिक है.

मास्क बना जीवन का अहम हिस्सा :


बाहर निकलते समय अपना ख्याल रखना जरुरी है. तब तक कोरोना का संक्रमण बरकरार रहेगा, तब तक मास्क (mask) को अपने जीवन का हिस्सा बनाकर रखना होगा. आने वाले दिनों में इन्फ्लुएंजा का संक्रमण भी होगा. इसलिए मास्क कोरोना के साथ-साथ इन्फ्लुएंजा से भी बचाए

थूक में कई घंटे तक रहता है वायरस :


हमारे देश में सार्वजनिक स्थानों पर थूकने की आदत एक सामाजिक बुराई है. यहाँ काफी संख्या में लोग पान मसाला, गुटखातंबाकू खाते हैं. जबकि यह कोई ऐसी चीज नहीं है, जिसके बिना जीवन नहीं चल सकता. इसका सेवन छोड़कर संक्रमण को कम किया जा सकता है. इससे खुद के साथ-साथ समाज का भी बचाव होगा, क्योंकि थूक में वायरस कई घंटो तक रहता है (how long does coronavirus last). इस वजह से दूसरों को कोरोना का संक्रमण होने का खतरा बना रहता है. धूमपान भी कतई न करें और यदि कोई धूमपान करता है तो उसे भी मना करें. वैसे भी सार्वजनिक स्थान पर धूमपानथूकना गैरकानूनी है और इस पर जुर्माने का प्रावधान है.

जरूरी हो तो ही जाएं बाजरा coronavirus market, coronavirus market impact :


कई लोगों को बाजार में घूमने की आदत होती है. बाजार में भीड़ अधिक होती है और शारीरिक दूरी के नियम का पालन आसान नहीं होता. बहुत जरुरी होने पर ही बाजार जाएँ. अब तो शहरों में बहुत सारी चीजें आनलाइन शापिंग का इस्तेमाल करें. अगर बाजार जाएँ तो शारीरिक दूरी का विशेष ख्याल रखें.

ज्यादा घाटक नहीं है वायरस :


तमाम बचाव के उपायों को अपनाने के बावजूद यदि कोई संक्रमित हो भी जाए तो ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह वायरस बहुत ज्यादा घातक नहीं है. देश में ज्यादातर लोगों में हल्का संक्रमण देखा जा रहा है. हल्का संक्रमण होने पर घबराकर तत्काल अस्पताल जाने से बचें. यदि हल्का संक्रमण है तो पांच से सात दिन में यह बीमारी ठीक हो जाती है. इसलिए खाँसी, जुकाम है तो घर में भी परिवार के अन्य सदस्यों से दूरी बनाकर रह सकते हैं. गले में खराश है तो गुनगुने पानी (hot water)से गरारे करें. इसके अलावा भाप लें. यदि हल्का बुखार है तो उसकी दवा ले सकते हैं. यदि बुखार ज्यादा हो तो अपस्ताल में भर्ती होने की जरूरत है. इस तरीके से ही महामारी से पार पाया जा सकता है.

पौष्टिक आहार है जरूरी (corona immunity food), corona immunity booster foods :


खानपान (food) में दूध (milk), पनीर (paneer) cheese , दाल (dal) सहित अन्य पौष्टिक चीजों का सेवन संतुलित मात्रा में करें. फल व हरी सब्जियों को नियमित रूप से भोजन में शामिल करें. भोजन पौष्टिक और हल्का ही लें और अधिक खाने से बचें. व्यायाम करते रहें और पर्याप्त मात्रा में पानी पिएँ. इसके अलावा पूरी नींद लें. इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी बनी रहेगी.

दफ्तर से आने के बाद करें स्नान :


दफ्तर से (corona care at home) आने के बाद कई लोगों ने एक अच्छी आदत यह शुरू कर दी है कि जूते घर से बाहर निकालने के बाद सीधे नहाने जाते हैं. इसका पालन सभी लोगों को करना होगा. दफ्तर से घर पहुँचने के बाद अपने कपड़े साफ़ करें और स्नान जरूर करें. घर में कोई बुजुर्ग हो तो उनके पास जाने से बचें.


खुद को रखना होगा ध्यान :


अनलाक-1 में कुछ धार्मिक स्थल (dharmik sthal) (mandir corona cases) भी खुल गए हैं. लगभग ढाई माह से लोग धार्मिक स्थलों पर नहीं जा रहे थे. इस संक्रमण के बीच धार्मिक स्थल पर जाने कोई बहुत जरुरी काम नहीं है. वहाँ होने वाली भीड़ से खतरा हो सकता है. दुनिया में ऐसे कई उदाहरण मिले जब धार्मिक स्थलों पर भीड़ होने के कारण कोरोना का संक्रमण हुआ. इटली में चर्च की भीड़ से सक्रमण का मामला सामने आया था.

दूरी बनाकर रखें :


दफ्तर में भी घर की तरह साफ-सफाई होनी चाहिए. प्रतिदिन दो से तीन बार दफ्तर की सफाई जरुरी है. इसके अलावा, कर्मचारियों के हैण्ड वाश के लिए पूरी व्यवस्था होनी चाहिए कर्मचारी कम से कम दो मीटर की दूरी बनाकर रहें. व्यक्तिगत आदान-प्रदान कम होना चाहिए और एक-दूसरे से खाने का सामान कम ही साझा करना चाहिए.

तो न करें सफर (distance coronavirus can travel) :


यदि खाँसी, जुकामहल्का बुखार हो तो दफ्तर न जाएं. खाँसी जुकाम होने पर सार्वजनिक वाहनों में सफर भी न करें, क्योंकि इससे दूसरों को संक्रमण हो सकता है. सार्वजनिक वाहनों में सफर करते समय मास्क पहनकर रहें. कैब में चालक को भी मास्क पहनकर रहना जरूरी है. बचाव क ए लिए बस, रेलवे स्टेशन व सभी दफ्तरों में थर्मल स्कैनिंग की सुविधा जरुरी है.    


सोमवार, 20 जुलाई 2020

पूर्वाग्रहों क्या है II पूर्वाग्रहों (Prejudice) से परेशान हैं तो करें ध्यान II पूर्वाग्रह और रूढ़िवादिता में अंतर II पूर्वाग्रह क्या है स्पष्ट कीजिए II पूर्वाग्रह को कम करने के उपाय II

Manoj kumar

पूर्वाग्रहों क्या है II पूर्वाग्रहों (Prejudice) से परेशान हैं तो करें ध्यान II पूर्वाग्रह और रूढ़िवादिता में अंतर II पूर्वाग्रह क्या है स्पष्ट कीजिए II पूर्वाग्रह को कम करने के उपाय II purvagrah kya hota hai II purvagrah in hindi II purvagrah ki visheshta II पूर्वाग्रह से ग्रसित





अमेरिका स्थित बॉल स्टेट यूनिवर्सिटी, इंडियाना की एक्सपेरिमेंटल साइकोलॉजिस्ट एडम ल्यूक द्वारा किए गए शोध के निष्कर्षों के मुताबिक़, पहले से ही औरों के बारे में राय बना लेना या रखना, निजी जीवन पर बुरा असर डाल सकता है. इससे आपके रिश्ते संकट में भी पड़ सकते हैं. यदि लगता है कि आप पूर्वाग्रह (Prejudice) मुक्त हैं तो जरूरी नहीं कि ऐसा हो ही. दरअसल, पूर्वाग्रहों (Prejudices)  के बुरे प्रभावों से बचे रहना आसान नहीं. पर कुछ शोधों में यह पाया गया कि जो लोग नियमित ध्यान करते हैं, वे इस मुश्किल मनोदशा से बच सकते हैं. ध्यान करने से आप पूरी तरह पूर्वाग्रह (Prejudice) से मुक्त तो नहीं हो सकते पर ऐसी प्रवृत्तियों को कम करने में सहायता मिल सकती है. लन्दन की कनवेट्री यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर पीस ट्रस्ट एण्ड सोशल रिलेशन में एक्सपेरिमेंटल साइकोलॉजी के प्रोफेसर मिगुल फारियास के मुताबिक, (पूर्वाग्रह को कम करने के उपाय) नियमित ध्यान के अभ्यास से विचारों पर नजर रखने में मदद मिल सकती है. मन में प्रेम और कल्याण भाव जगा सकती है.

रविवार, 19 जुलाई 2020

यूनीक फीचर से लैस है देसी ब्राउजर ‘मैग टैप’ II magtapp feature in hindi II magtapp app owner name II Magtapp app which country II MagTapp App

Manoj kumar

यूनीक फीचर से लैस है देसी ब्राउजर ‘मैग टैप’ II magtapp feature in hindi II magtapp app owner name II Magtapp app which country II MagTapp App

megtapp app

भारतीय युवाओं द्वारा बनाया गया ‘मैग टैप’ ( MagTapp App ) वेब ब्राउजर यूनीक फीचर से लैस है. इस ब्रॉउजर को 5 युवाओं ने बनाया है. इसकी खासियत ‘विजुअल डिक्शनरी है, जिससे बड़ी आसानी से किसी भी दूसरी भाषा के शब्द का अर्थ चित्र सहित अपनी भाषा में देख-सुना जा सकता है.

तेजी से हो रहा लोकप्रिय :



इस एप के फाउन्डर की मानें तो गूगल प्ले स्टोर (google play store) पर लॉचिंग के कुछ दिनों में ही इसे 10 लाख से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चूका है. एप के फाउन्डर और सीईओ सत्यपाल चन्द्रा CEO Satypal chnadra ( founder of magtapp ) बताते ( magtapp app owner name ) हैं कि यह एप पूरी तरह से मेड इन इण्डिया (made in india) तो है ही, साथ में यह अपनी तरह का दुनिया में पहला प्रयोग भी है. यह विजुअल ब्राउजर (visual browser ) के साथ-साथ डाक्यूमेंट रीडर, ट्रांसलेशन और -लर्निंग की सुविधा देने वाला एप है. इस देश के हिन्दी भाषी स्टूडेंट्स को ध्यान में रखकर बनाया गया है. वे कहते हैं कि इन्टरनेट पर अधिकतर जानकारियाँ इंग्लिश में ही हैं. ऐसे में उन्हें पढ़ते वक्त यह एप किसी भी शब्द, वाक्य या पूरे पैराग्राफ का भी हिन्दी सहित देश की 12 भाषाओँ में अनुवाद कर सकता है. विजुअल डिक्शनरी फीचर के जरिए ब्राउजर पर अंग्रेजी डाक्यूमेंट पढ़ने के दौरान किसी शब्द का मतलब न समझ आए तो उस वर्ड पर एक सेकेण्ड तक प्रेस करने पर फोटो के साथ शब्द का अर्थ भी सामने आ जाता है. 

पंजाबी भिण्डी कढ़ी II punjabi bhindi kadhi recipe II bhindi kadhi recipe in hindi II masala bhindi recipe in hindi II bhindi recipe II simple bhindi recipe

Manoj kumar

पंजाबी भिण्डी कढ़ी II punjabi bhindi kadhi recipe II bhindi kadhi recipe in hindi II masala bhindi recipe in hindi II bhindi recipe II simple bhindi recipe
भिण्डी की सब्जी

सामग्री :

भिण्डी (Lady finger) – 15
तेल (oil) – 2 चम्मच
दही (curd) – 1 कप
बेसन (Gram Flou) – 2 चम्मच
हल्दी पाउडर (turmeric powder)½ चम्मच
धनिया पाउडर (coriander powder) – 1 चम्मच
लाल मिर्च पाउडर (chilli powder) – 2/4 चम्मच
नमक (Salt) – स्वादानुसार

तड़के के लिए :

जीरा (
cumin)¼ चम्मच
सूखी लाल मिर्च (Dry red chili) – 2
दालचीनी (Cinnamon) – 1 टुकड़ा
घी (Ghee) – 2 चम्मच

विधि :

साफ कर सारी भिण्डी को दो टुकड़ों में काटकर बीज हटा दें. कढ़ी के लिए एक बड़े बर्तन में दही, बेसन, हल्दी, धनिया, लाल मिर्च पाउडर और नमक डालें और अच्छे से मिलाएं. बर्तन में दो कप पानी डालें और सभी सामग्री को अच्छी तरह से फेंटें, ताकि गाँठ न रहे. कड़ाही में इस मिश्रण को मध्यम आँच पर लगातार चलाते हुए गाढ़ा होने तक पकाएं और फिर गैस बंद करें. इस बीच नॉन स्टिक पैन में दो चम्मच तेल गर्म कर उसमें भिण्डी डालें. हल्का नमक छिडकें और मध्यम आँच पर क्रिस्पी पकाएं. तड़के के लिए एक छोटे पैन में घी गर्म कर उसमें जीरा, दालचीनी और सुखी लाल मिर्च डालें. तैयार होने पर उसे कढ़ी में डालें. फ्राई भिण्डी को भी कढ़ी में मिलाएं. अब पंजाबी  भिण्डी कढ़ी को चावल के साथ गर्म ही सर्व करें.