nt, festivals, yoga, benefits of foods, homemade remedies, songs, story" /> life style health gyan : खाना पकाना

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शुक्रवार, 31 जुलाई 2020

कॉर्न सूप : sweet corn soup recipe in hindi II sweet corn recipe in hindi II कॉर्न रेसिपी इन हिंदी II मक्का के दाने की रेसिपी II भुट्टे की रेसिपी II bhutte ki recipe II bhutte ki recipe in hindi

Manoj kumar

कॉर्न सूप : sweet corn soup recipe in hindi II sweet corn recipe in hindi II कॉर्न रेसिपी इन हिंदी II मक्का के दाने की रेसिपी II भुट्टे की रेसिपी II bhutte ki recipe II bhutte ki recipe in hindi 

    
कॉर्न सूप : sweet corn soup recipe in hindi II sweet corn recipe in hindi II कॉर्न रेसिपी इन हिंदी II मक्का के दाने की रेसिपी II भुट्टे की रेसिपी II bhutte ki recipe II bhutte ki recipe in hindi

                  कॉर्न सूप


सामाग्री :

ü छह बड़े ताजे भुट्टे

ü तीन चौथाई टीस्पून अजीनोमोटो पाउडर

ü आधा टीस्पून सोया सौस

ü दो टेबल स्पून चीनी

ü नमक स्वादानुसार

ü परोसने के लिए सिरके वाली हरी मिर्च व चिली सौस

विधि :

  ü भुट्टों को कस लीजिए. कुछ साबुत दाने अलग निकाल लीजिए. छह टी-कप पानी     डालकर प्रेशर कुकर में पकाइए.

ü मक्के के आटे को दो टी-कप ठंडे पानी में घोलने के बाद, इसे पके हुए भुट्टे के मिश्रण में मिलाकर उबलने के लिए रख दीजिए. अब इसमें चीनी, नमक और अजीनोमोटो पाउडर डालिए.

ü कम से कम आधे घंटे तक उबालकर. फिर सोया सौस मिलाइए.

ü सिरके की मिर्च व चिली सौस के साथ गरमागरम परोसिए. 


गुरुवार, 23 जुलाई 2020

पोषण से भरपूर परवल II परवल का वैज्ञानिक नाम II परवल के फायदे II parval ke fayde II parval benefits II parwal benefits in hindi

Manoj kumar

पोषण से भरपूर परवल II परवल का वैज्ञानिक नाम II परवल के फायदे II parval ke fayde II parval benefits II parwal benefits in hindi 


परवल की सब्जी सेहत के लिए बहुत अच्छी होती है, हालांकि यह शायद ही किसी की फेवरेट लिस्ट में आती होगी. बारिश के मौसम में प्रचुरता से मिलने वाली यह हरी सब्जी विटामिनों से भरपूर है, जो इसे एक बेहतरीन सुपर फ़ूड बनाते हैं.….
parval

परवल में मौजूद पोषक तत्व : परवल में विटामिन ए, विटामिन बी 1, विटामिन बी 2 और विटामिन सी और कैल्शियम भरपूर मात्रा में होते हैं, जो हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं. परवल में पोटेशियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस और कई अन्य सूक्ष्म पोषक तत्वों की अच्छी मात्रा होती है. इस सब्जी का सबसे अच्छा गुण है कि यह कैलोरी में बहुत कम (प्रति 100 ग्राम में मात्रा 24 कैलोरी) है और इसलिए परवल शरीर में कोलेस्ट्राल के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है. आयुर्वेद में परवल कई बीमारियों के इलाज के लिए उपयोग किया जाता है. यह त्वचा संक्रमण बुखार और कब्ज के इलाज के लिए भी इस्तेमाल किया जाता रहा है. परवल का वैज्ञानिक नाम Trichosanthes dioca है.

परवल के 5 स्वास्थ्य लाभ : parval ke fayde, parval benefits


1.    परवल फाइबर का समृद्ध स्रोत है. यह पाचन प्रक्रिया को प्रभावित करने में मदद करता है. 
2.    पानी के कम सेवन और शरीर में आयरन और मिनरल्स की कमी से कब्ज की समस्या होती है. परवल को बीज समेत खाने से आप कब्ज से छुटकारा पा सकते हैं. 
3.    परवल विभिन्न पोषक तत्वों और यौगिकों की उपस्थिति के कारण ऊतकों को साफ करके रक्त शुद्धि में भी मदद करता है, जिससे शरीर को रक्त शोधन में मदद मिलती है. 
4.    यदि आपका लक्ष्य वजन कम करना है, तो आप डाईट में परवल का चुनाव कर सकते हैं. यह आपको लंबेस समय तक तृप्त रखेगा. 
5.    परवल के बीज बेहद फायदेमंद होते हैं, इसलिए बीजों को भी खाने में इस्तेमाल करें. परवल के बीज शरीर में कोलेस्ट्राल स्तर को नियंत्रित करने और रक्त शर्करा के स्तर को कम करने में सहायक होते हैं. 

रविवार, 19 जुलाई 2020

पंजाबी भिण्डी कढ़ी II punjabi bhindi kadhi recipe II bhindi kadhi recipe in hindi II masala bhindi recipe in hindi II bhindi recipe II simple bhindi recipe

Manoj kumar

पंजाबी भिण्डी कढ़ी II punjabi bhindi kadhi recipe II bhindi kadhi recipe in hindi II masala bhindi recipe in hindi II bhindi recipe II simple bhindi recipe
भिण्डी की सब्जी

सामग्री :

भिण्डी (Lady finger) – 15
तेल (oil) – 2 चम्मच
दही (curd) – 1 कप
बेसन (Gram Flou) – 2 चम्मच
हल्दी पाउडर (turmeric powder)½ चम्मच
धनिया पाउडर (coriander powder) – 1 चम्मच
लाल मिर्च पाउडर (chilli powder) – 2/4 चम्मच
नमक (Salt) – स्वादानुसार

तड़के के लिए :

जीरा (
cumin)¼ चम्मच
सूखी लाल मिर्च (Dry red chili) – 2
दालचीनी (Cinnamon) – 1 टुकड़ा
घी (Ghee) – 2 चम्मच

विधि :

साफ कर सारी भिण्डी को दो टुकड़ों में काटकर बीज हटा दें. कढ़ी के लिए एक बड़े बर्तन में दही, बेसन, हल्दी, धनिया, लाल मिर्च पाउडर और नमक डालें और अच्छे से मिलाएं. बर्तन में दो कप पानी डालें और सभी सामग्री को अच्छी तरह से फेंटें, ताकि गाँठ न रहे. कड़ाही में इस मिश्रण को मध्यम आँच पर लगातार चलाते हुए गाढ़ा होने तक पकाएं और फिर गैस बंद करें. इस बीच नॉन स्टिक पैन में दो चम्मच तेल गर्म कर उसमें भिण्डी डालें. हल्का नमक छिडकें और मध्यम आँच पर क्रिस्पी पकाएं. तड़के के लिए एक छोटे पैन में घी गर्म कर उसमें जीरा, दालचीनी और सुखी लाल मिर्च डालें. तैयार होने पर उसे कढ़ी में डालें. फ्राई भिण्डी को भी कढ़ी में मिलाएं. अब पंजाबी  भिण्डी कढ़ी को चावल के साथ गर्म ही सर्व करें.

गुरुवार, 16 जुलाई 2020

कश्मीरी नून चाय II Kashmiri Noon Tea II kashmiri noon chay kaise banati hai II kashmiri noon chay II नून चाय, कुछ तो बात होगी II kashmiri noon chai II kashmiri noon chai online II कश्मीरी नून चाय के फायदे

Manoj kumar


कश्मीरी नून चाय II Kashmiri Noon Tea II kashmiri noon chay kaise banati hai II  kashmiri noon chay II नून चाय, कुछ तो बात होगी II kashmiri noon chai II kashmiri noon chai online II कश्मीरी नून चाय के फायदे



नून चाय बादाम-पिस्ता से सजी कश्मीर की खास गुलाबी चाय. देखने में जितनी सुन्दर, स्वाद में भी उतनी ही बेजोड़. कश्मीर की यह प्रारंपरिक चाय है, जिसकी अपनी एक खास पहचान भी बन चुकी है. नून चाय से जुड़ी कुछ खास बातें...

noon chai

                                                कश्मीरी नून चाय के फायदे 

गर्माहट और मिठास से भरपूर ‘नून चाय’ (noon chai recipe) को कहीं आप दोपहर यानी आफ्टरनून की चाय तो नहीं समझ रहे हैं. अगर ऐसा है, तो आपको बता दूँ कि यहाँ ‘नून’ का मतलब नामक से है, क्योंकि यहाँ नमक को नून कहा जाता है. इसे स्पेशल चाय को कश्मीरी आमतौर पर सुबह या दोपहर में नान की रोटी के साथ पीते हैं. इस चाय को शीर चाय के नाम से भी जाना जाता है. तैयार चाय को बड़े समोवर (एक जगनुमा बर्तन) में परोसा जाता है. ऐसा माना जाता है कि इसकी उत्पत्ति कश्मीर घाटी में हुई थी. हालांकि, कुछ विशेषज्ञ इसे तुर्किस्तान के यारकंद से आया हुआ मानते हैं, जहाँ ‘एक्टन’ नमक चाय की चर्चा हैं, जिसमें नमक, दूध और क्रीम का इस्तेमाल किया जाता था. माना जाता है कि ये चाय बनाने की यह विधि भी वहीँ से आई हो.

इस चाय में सेहत है, कश्मीरी नून चाय के फायदे (Benefits of kashmiri nun tea)  kashmiri noon chay ke fayade, kashmiri noon chai benefits


इंटरनेशनल जर्नल ऑफ़ केस रिपोर्ट्स एण्ड इमेजेज के एक अध्ययन के अनुसार, यह चाय लोगों को सर्दियों में गर्माहट देती है, और इसमें मौजूद सोडा पाचन में फायदेमंद है. इलायची और सोडा से गैस की जलन में आराम मिलता है. वहीँ इसे तनाव और चिंता को कम करने के लिए भी जाना जाता है.

कॉफी कैसे तैयार होती है (How to make Kashmiri Noon Tea) kashmiri noon chay kaise banati hai

गुलाबी चाय कश्मीर घाटी में पैदा होने वाली विशेष पत्तियोंफूल’ से बनाई जाती है. चाय बनाने के लिए इन पत्तियों को अच्छे से उबाला जाता है. जब चाय उबल जाती है, तो उसमें सोडा मिला दिया जाता है. इसी वजह से इसका स्वाद नमकीन होता है. उबलने पर चाय का पानी गहरे लाल रंग में बदल जाता है. और जब इसमें दूध मिलाया जाता है, तो इसका रंग हल्का गुलाबी हो जाता है. इस चाय को बनाते समय इस बात का खास ध्यान रखा जाता है कि फूल (पत्तियाँ) निर्धारित मात्रा से ज्यादा न हो पाएं. अन्यथा इसका स्वाद तीखा भी हो सकता है. आप भी इसे अपने तरीके से बना सकते हैं. एक पैन में दो कप पानी, इलायची, हरी चाय की पत्तियां, नमक, सोडा, दालचीनी, चक्र फूल डालें और इसे उबालें. एक दो उबाल आने के बाद दूध डालें और उबलने दें.  चीनी मिलाएं और इसे छान लें. वैसे नून चाय में पारंपरिक तौर पर शक्कर नहीं मिलाते, स्वाद के लिए लोग चीनी भी मिलाने लगे हैं. इसके बाद कटे हुए पिस्ता डाल कर सर्व किया जाता है. यह नून चाय दिल्ली में (noon chai in delhi) भी मिलती है.