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मंगलवार, 28 जुलाई 2020

सदाबहार हैं बैंबू II बैंबू पाम II बम्बू प्लांट कहा लगाना चाहिए II bamboo palm II bamboo palm benefits II bamboo palm care II bamboo palm plant II कितने बांस डंठल भाग्यशाली हो

Manoj kumar

सदाबहार हैं बैंबू II बैंबू पाम II बम्बू प्लांट कहा लगाना चाहिए II bamboo palm II bamboo palm benefits II bamboo palm care II bamboo palm plant II कितने बांस डंठल भाग्यशाली हो 

lucky plant ke fayde
good luck bamboo

 good luck bamboo II lucky bamboo benefits II lucky bamboo benefits in hindi II bamboo plant ki dekhbhal kaise kare II bamboo plant kaha lagana chahiye II lucky plant ke fayde

 क्या आप भाई अक्सर उपहारों के चयन को लेकर परेशान रहती हैं? अगर आपका जवाब हाँ है तो आपको ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है. कारण, हमेशा की तरह बुके, डिजाइनर मोमबत्तियां, शो पीसेज जैसी वस्तुओं का चलन बहुत पुराना हो चुका. आजकल उपहार में गुडलक प्लांट्स देना सबसे अच्छा उपहार माना जाता है.
अक्सर चाहे कोई भी हो, जैसे जन्मदिन, शादी, मैरिज एनिवर्सरी, बिजनेस ओपनिंग, बधाई, धन्यवाद, स्वास्थ्य लाभ या प्यार का सन्देश देना हो, दीवाली या कोई भी पर्व-त्यौहार, ख़ुशी का मौका हो, गुडलक बैंबू या अन्य प्लांट्स आदर्श उपहार हैं. दीवाली व नवर्ष के उपलक्ष्य में व्यापार और कार्पोरेट संस्थानों के लिए तो गुडलक प्लांट्स सबसे अच्छे उपहार माने जाते हैं.

गुडलक बैंबू आपके जीवन में सुख, स्वास्थ्य और तरक्की की कामना करते हैं. फेंशगुई के अनुसारगुड लक प्लांट्स शान्ति, सद्भावना, सुरक्षा और उर्जा से भरपूर वातारण का निर्माण करते हैं. शुभकामना के प्रतीक ये बैंबू घर में कहीं भी सजाए जा सकते हैं.

घर में या ऑफिस में रखने से उन्नति की संभावना बढ़ती हजी. कैरियर में सफलता, लंबी आयु की कामना के साथ गुडलक प्लांट्स सकारात्मक सोच में भी आपकी सहायता करते हैं. जीवन में ख़ुशी और समृद्धि की कामना के लिए गुडलक बैंबू की तीन स्टिक्स, अच्छे स्वास्थ्य की कामना के लिए इक्कीस स्टिक्स उपहार में भेंट कर सकती हैं. घर में पूर्व की दिशाओं में गुडलक बैंबू रखने पर जीवन में सन्तुलन और सकारात्मक उर्जा की नई अनुभूति होती है. हरे रंग के लंबे, पतले और वर्टिकल गुडलक बैंबू का आपकी उर्जा स्तर, वृद्धि, जीवंतता, शारीरिक सक्रियता पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है.

लाल फीते में लिपटे बैंबू जोश और उमंग के प्रतीक हैं. लाल फीते में बंधे गुडलक प्लांट्स वांछित मनोकामना की पूर्ति की संभावना को कई गुना बढ़ा देती है.


गुडलक बैंबू (good luck bamboo) किसी भी वातावरण में बिना किसी देखभाल के रखे जा सकते हैं. यह अदंर से मजबूत होते हैं, इन्हें सूर्य के प्रकाश की जरूरत नहीं होती है. इन्हें छाया वाले स्थान में रखकर भी पानी देने से ही इनकी वृद्धि हो जाती है. इनमें हर रोज पानी डालने की भी जरूरत नहीं, न ही किसी फर्टिलाइजर की. पौधे के कन्टेनर को एक बार पानी से भरकर छोड़ दें. सप्ताह में एक बार पानी बदल दें. गुडलक बैंबू को जोड़ के नीचे से छोटे टुकड़ों में भी काटा जा सकता है. 

रविवार, 24 मई 2020

द्रोपदी माला फूल I Draupadi Mala Flowers


द्रोपदी माला फूल

धार्मिक, ऐतिहासिक और औषधीय विरासत से जुड़े द्रोपदीमाला फूल पुष्प की सुगन्ध देव भूमि से भी महकेगी . द्रोपदी के गजरे पर सजने वाला यह पुष्प सीता माता को भी प्रिय था.इसी धार्मिक महत्त्व को देखते हुए इसे सहेजने में जुटे उत्तराखंड के वन महकमें को सफलता भी मिल गई है.
असम और अरुणाचल प्रदेश के राज्य पुष्प द्रोपदीमाला को यहाँ फारेस्ट ट्रेनिंग सेंटर हल्द्वानी की नर्सरी में तैयार कर लिया है. औषधीय गुणों वाले इस पुष्प का किडनी और गठिया समेत तमाम रोगों के उपचार में भी बड़ा महत्त्व है. माना जाता है कि महाभारत काल में में रानी द्रोपदी माला और गजरे के तौर पर इन सुगन्धित फूलों का इस्तेमाल करती थी. इसी वजह से इसका नाम द्रोपदीमाला भी पड़ा. यही नहीं, वनवास के दौरान सीता माता से भी इस पुष्प के जड़व का वर्णन मिलता है. यही वजह हा कि महराष्ट्र में इसे सीतावेणी के नाम से जाना जाता है. द्रोपदीमाला के औषधीय गुणों की वजह से ही इसकी खासी डिमांड भी है. इसलिएआंध्रप्रदेश में इसकी तस्करी भी होती है. पश्चिम बंगाल और असम में इसे कुप्पु फूल के नाम से जाना जाता है. वन विभाग दुलर्भ ऐतिहासिक और औषधीय महत्व वाली वनस्पति को सुरक्षित करने के साथ ही उनके संवर्धन की मुहीम में भी जूटा हुआ है.
इसका इस्तेमाल अस्थमा, किडनी स्टोन, गठिया रोग और घाव भरने में दवा के तौर पर किया जाता है.
वन सरंक्षक का वनवास के समय श्रीराम पंचवटी (नासिक) में रुके थे, तब सीता माता इन्हीं फूलों से श्रृंगार करती थीं. इसे प्रेम का प्रतीक भी माना जाता है.असम का बिहू नृत्य दुनियाभर में पसिद्ध है
सांस्कृतिक कार्यक्रम से लेकर शुभ अवसर पर महिलाएं बिहू नृत्य करती है. मान्यतानुसार वहाँ इस दौरान महिलाएं बालों में द्रौपदी माला फूल को जरूर लगाती है.
द्रोपदीमाला आर्किड प्रजाति का पुष्प है. आर्किड जमीन औरपेड़ दोनों पर होता है. आमतौर पर 1500 मीटर ऊँचाई पर मिलने वाला यह फूल बांज और अन्य पेड़ों के सहारे बेल के आकार में बढ़ता है. इसका अंग्रेजी नाम फॉक्सलेट है.