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सोमवार, 13 जुलाई 2020

बहुगुणीय खट्टी इमली II tamarind ke fayde II tamarind fruit benefits II इमली के आयुर्वेदिक उपयोग II tamarind ke fayde in hindi

Manoj kumar

बहुगुणीय खट्टी इमली II tamarind ke fayde II tamarind fruit benefits II इमली के आयुर्वेदिक उपयोग II tamarind ke fayde in hindi


एक ऐसा फल, जो मीठा और खट्टा दोनों के शौकीनों को पसंद हो सकता है. हरी होती है तो स्वाद में खट्टी लगती है और पकने के बाद लाल रंग लेती है और मीठी हो जाती है. जी हां, इमली. जैसे इसके स्वाद बहुत हैं वैसे ही इसके फायदे भी अनेक हैं.
इमली का वैज्ञानिक नाम टैमेरिन्ड्स इंडिका है और इसकी औसत ऊँचाई 30 मीटर हैं.
tamarind ke fayde in hindi
इमली के फायदे 

इमली के फायदे (tamarind ke fayde)  : imali ke fayade, benefits of tamarind juice ( जंगली इमली के फायदे ), tamarind fruit benefits, tamarind benefits for liver,  इमली के पत्ते के फायदे, imli benefits,   इमली के आयुर्वेदिक उपयोग  tamarind uses

Ø इमली के बीज में ट्रिपसिन इनहिबिटर गुण (प्रोटीन को बढ़ाना और नियंत्रित करना) पाया जाता है. इससे हृदय रोग, हाई ब्लड शुगर, हाई-कोलस्ट्राल और मोटापा संबंधी समस्याएँ नियंत्रित की जा सकती हैं. 
Ø इसमें कुछ ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो पाचन में सहायक डाइजेस्टिव जूस को प्रेरित करने का काम करते हैं. इस कारण पाचन क्रिया बेहतर तरीके से काम करने लगती हैं. 
Ø इमली में कैल्शियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है. यह तंत्रिका तंत्र को सही गति देने का काम करता है. 
Ø इसमें कुछ ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जिनमें एंटी इन्फ्लेमेटरी (सूजन कम करने) और एंटी-स्ट्रेस (मानसिक तनाव कम करने प्रभाव पाए जाते हैं. 
Ø इमली में एंटीऑक्सीडेंट और हेप्टोटेक्तिव प्रभाव पाए जाते हैं. पीलिया और लीवर के लिए फायदेमंद ( imli ke fayde liver ke liye ) 
Ø इसमें एंटी-मलेरिया के साथ-साथ फेब्रिफ्यूज और लैक्सेटिव प्रभाव भी पाए जाए हैं. इसका उपयोग मलेरिया और माइक्रोबियल डिजीज से छुटकारा दिलाने में सहायक होता है. 
Ø इमली का उपयोग हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से छुटकारा दिलाने में लाभकारी साबित हो सकता है. 
Ø इमली में मैलिक, टार्टरिक और पोटैशियम एसिड प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं. पेट के लिए काफी उपयोगी है. 
Ø इमली खाने के फायदे में त्वचा ( imli ke fayde for skin ) से डेड स्किन निकालना और उसे निखारना भी शामिल है.   

मंगलवार, 7 जुलाई 2020

कैथा स्वादिष्ट और सेहतमंद II kaitha fruit ke fayde

Manoj kumar

कैथा स्वादिष्ट और सेहतमंद

मानव और पौधों का साथ सदियों पुराना है. जितनी गहरी दोस्ती उतनी ही तंदुरुस्त प्रकृति. जितनी खुश प्रकृति उतने ही सेहतमंद व्यक्ति. इसमें नेमत हैं वो फल, जो खाने में जितने स्वादिष्ट हैं, सेहत बनाने में उतने ही सफल. तो आइए आज कैथा के विषय में बात करते हैं...
kaitha fruit in english
कैथा फल
कैथा विटामिन बी-12 का अच्छा स्त्रोत है. इसके द्वारा तरह-तरह के खाद्द पदार्थ तैयार किए जाते हैं जैसे जैम, जेली, शर्बत, चाकलेट और चटनी आदि. ब्लड प्रेशर के साथ कोलस्ट्राल के लिए यह फल बहुत फायदेमंद होता है.
कैथा का वैज्ञानिक नाम फिरोनिया लिमोनिया है और इसकी औसत लंबाई 30 फीट हैं.

फायदे:

ü पके हुए इस फल का शरबत शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में सहायक होता है. 
ü इसके पाउडर को औषधि के रूप में उपयोग किया जाता है. 
ü यह फल कोलस्ट्राल तथा ब्लड प्रेशर को नियंत्रण करता है. 
ü कच्चे फल में पके फल की अपेक्षा विटामिन सी और अन्य फ्रूट एसिड की अधिक मात्रा होती है. 
ü बीज में प्रोटीन ज्यादा मात्रा में होता है. इसमें सभी आवश्यक लवण पाए जाते हैं तो गूदे (पल्प) में कार्बोहाइड्रेट और फाइबर होता है. 
ü इसमें विटामिन बी1 और बी2 भी होता है.

शुक्रवार, 3 जुलाई 2020

अमृत फल है आंवला के फायदे क्या-क्या है?

Manoj kumar

अमृत फल है आंवला

पर्यावरण की स्थिति के मद्देनजर प्रदुषण की अत्यधिक वृद्धि होना तथा अन्य कारणों से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है. लोगों को सामान्य जीवन जीने में भी कठिनाई हो रहा है. ऐसी स्थिति में अगर शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाए तो आप कई रोगों से बच सकते हैं.
अमृत फल है आंवला के फायदे क्या-क्या है?, amla ke fayde

                             आंवला



हृदय के लिए लाभप्रद :

आंवले का सेवन करने से रक्त में बैड कोलेस्ट्राल का स्तर बढ़ नहीं पाता, जिससे हृदय को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंच पाता. इसमें उपस्थित अमीनो एसिड और एंटीऑक्सीडेंटस की वजह से हृदय गति सुचारू रूप से संचालित होती है. बल्ड प्रेशर संबधित समस्याओ के लिए आंवला अच्छा विकल्प है.

त्वचा के लिए गुणकारी :

त्वचा के प्राकृतिक सौन्दर्य को बनाए रखने के लिए आंवला रामबाण है. आंवला खाने वालों की त्वचा बहुत दमकती रहती है. इसमें एंटी-फंगस गुण भी उपस्थित होते हैं, जो लोग आंवला समय – समय पर खाते हैं, उन्हें त्वचा से जुड़े फंगस व बैक्टीरियल इन्फेक्शन की समस्या नहीं होती है. ऐसे लोगों की त्वचा ऐसे इन्फेक्शन से लड़ने के लिए हमेशा तैयार रहती है.

पर्याप्त एंटीऑक्सीडेंटस :

आंवले में एंटीऑक्सीडेंटस पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं. एंटीऑक्सीडेंटस रक्त के शुद्धिकरण में सहायक है और शरीर से नुकसान पदार्थों को बाहर निकालते हैं.

हड्डियों के लिए लाभप्रद :

आस्टियो अर्थराइटिस और जोड़ों में दर्द आज के परिवेश में आम समस्याएँ है. आंवले में उपस्थित तत्व हड्डियों के लिए काफी फायदेमंद होते हैं. इसमें पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम होता है, जो हड्डियों को कमजोर होने ही नहीं देता है. आंवला कैल्शियम के अवशोषण में भी मदद करता है.

वजन नियंत्रण में सहायक :

आयुर्वेद के अनुसार अगर आपका वजन ज्यादा है तो नियमित रूप से आंवले का सेवन शुरू कर दें. आंवला शरीर से सारे टाक्सिन को निष्कासित कर देता है. इस वजह से पाचन क्रिया सुचारू रहती है है खनिज हो या लवण या फिर दूसरे विटामिन, आवंला सबको अच्छी तरह से अवशोषित भी कर लेता है, जिससे वजन कम होता है. बड़े-बुजुर्ग अकसर काले बालों के लिएआंवला खाने का परामर्श देते हाँ. आंवला बालों का भी ध्यान रखता है. इसमें एंटीऑक्सीडेंटस,आयरन और विटामिन सी भरपूर मात्रा में होता है, जो बालों को गिराने से रोकता है.

मंगलवार, 30 जून 2020

जामुन में हैं ढेरों गुण

Manoj kumar

जामुन में हैं ढेरों गुण


फाइबर और ढेर सारे पोषक तत्वों से भरपूर जामुन में हैं बहुत स्वास्थ्यप्रद गुण....

जामुन में हैं ढेरों गुण, jamun ke fayade
जामुन के फायदे 

इन दिनों पेड़ों पर काले-काले जामुन जी ललचा रहे हैं. यह फल जितना स्वादिष्ट होता है, उतना ही सेहत के लिहाज से फायदेमंद भी होता है. जामुन खाने से ब्लड शुगर घटता है और इन्सुलिन की मात्रा नियंत्रित रहती है. यही कारण है कि मात्रा नियंत्रित रहती है. यही कारण है कि डायबीटीज के साथ जी रहे लोगों को जामुन खाने की सलाह दी जाती है

बात अगर इसके गुणों की करें तो जामुन में कैल्शियम, फास्फोरस जैसे पोषक तत्व होते हैं. इसके अलावा विटामिन और फाइबर भी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं.
जामुन पाचनशक्ति बढ़ाता है और इससे एसिडिटी समेत पेट से संबंधित विकार कम होते हैं. जामुन में कैंसर रोधी गुण भी पाए जाते हैं. जामुन पाचनशक्ति बढाता है और इससे एसिडिटी समेट पेट से संबंधित विकार कम होती हैं. जामुन में कैंसररोधी गुण भी पाए जाते हैं. कीमोथेरेपी और रेडीएशन थेरेपी के बाद जामुन खाना फायदेमंद होता है. जामुन खाने से पथरी की समस्या से निजात मिलती है. इसके लिए जामुन की गुठली के चूर्ण को दही के साथ मिलाकर खाना चाहिए. जामुन के सेवन से लीवर की बीमारी दूर होती है. मुँह में छाले होने पर जामुन के रस का प्रयोग करने से बहुत जल्दी आराम मिलता है. दस्त होने पर जामुन के रस को सेंधा नमक के साथ मिलाकर खाने से दस्त बन्द हो जाता है.

मुंहासे होने पर जामुन की गुठलियों को सुखाकर इसके पाउडर को गाय के दूध में मिलाकर सोने से पहले चेहरे पर लगाएं और सुबह ठंडे पानी से धो लें. तीन से चार सप्ताह तक इस लेप के प्रयोग से मुंहासे गायब हो जाते हैं. आवाज को मधुर बनाने के लिए भी जामुन का काढ़ा बहुत फायदेमन्द होता है. जामुन की छाल को बारीक पीसकर नियमित मंजन करने से दांत मजबूत और रोगरहित होते हैं. मधुमेह के उपचार के लिए जामुन बहुत ही फायदेमंद माना जाता है. मधुमेह के रोगी जामुन की गुठलियों को सुखाकर, पीसकर उनका सेवन करें. इससे शुगर का स्तर सामान्य रहता है. हालांकि जामुन में ग्लूकोज और फ्रक्टोज पाया जाता है, मगर फाइबर होने के कारण यह बहुत धीरे-धीरे खून में घुलता है, इसलिए डायबीटीज के मरीज चिकित्सक से सलाह लेकर इसे खा सकते हैं.

मंगलवार, 16 जून 2020

क्या आप जानते हैं अनार से क्या-क्या लाभ मिलता है II अनार से आती है तुरंत एनर्जी

Manoj kumar

अनार से आती है तुरंत एनर्जी


क्या आप जानते हैं अनार से क्या-क्या लाभ मिलता है, anar ke juice ke fayde
अनार के लाल-लाल दाने

लाल-लाल मोतियों से भरे अनार के टुकड़े न केवल देखने में सुन्दर लगते हैं, बल्कि यह सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होते हैं. यही कारण है कि अनार को फलों की श्रेणी में शीर्ष स्थान पर रखा जाता है. अगर आपको भी अनार खाना अच्चा लगता है तो आपके लिए यह और खुश होने की बात है. कारण, हाल ही में हुए शोध-अध्ययनों से यह पता चला है कि अनार का सेवन करने से शरीर में तुरंत एनर्जी (उर्जा) आती है. हाल ही में अमेरिका की इंडियन स्टेट यूनिर्वसिटी में हुए अध्ययनों से पता चला है कि अनार का सेवन करने से शरीर के लिए आवश्यक, प्रोटीन, फोलेट, पोटैशियम आदि पोषक तत्व प्राप्त होते हैं.

आधुनिक लाइफ स्टाइल के चलते आजकल लोग कई समस्याओं से पीड़ित हो रहे हैं, जैसे ब्लड प्रेशर हाई होना, टेंशन या डिप्रेशन की शिकायत और हृदय संबंधी समस्याएँ. अनार के सेवन से इस प्रकार की समस्याओं से पीड़ित नहीं होना पड़ता है. यही नहीं अनार का सेवन करने से शरीर बैक्टीरिया व फंगल इन्फेक्शन से भी बचा रहता है.
अध्ययनों से पता चलता है कि अनार का जूस पीने से मेमोरी भी तेज होती है. कारण, इसमें मिलने वाले पोषक तत्व दिमाग में स्रावित होने वाले विभिन्न केमिकल्स की मात्रा मो सही रखते हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि अनार लाइफ को स्वस्थ बनाने में काफी मददगार साबित होता है. यह हड्डियों और मांसपेशियों को भी मजबूत बनाता है. इस प्रकार से यह जोड़ों के दर्द से भी राहत दिलाता है. अनार का सेवन करने से खून की कमी दूर होती है. यह मूड को खुशनुमा बनाने, शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और शारीरिक शक्ति बढ़ाने में भी सहायक होता है.

सोमवार, 8 जून 2020

जाने आम क्या है II आम के प्रकार II आम के पोषक तत्व II 19 फायदे

Manoj kumar

कुदरत का मीठा तोहफा

लॉकडाउन और कोरोना संक्रमण के तनाव को हल्का करने आ गई है रसील आम की मनभावन मिठास. इसका स्वागत हो भी क्यों, न, स्वाद से लेकर सेहत और संस्कृति तक कायम जो है आम की बादशाहत......

Mango Fruits

यूँ तो भारत में : लगभग हरेक फल को स्वाद और अच्छे स्वास्थ्य के लिहाज से खाने का मशविरा सदियों से दिया जाता रहा है, मगर आम की बहार का रास्ता इसमें बौर आने के साथ ही बुहारा जाने लगता है. हो भी क्यों न, आम के रस और स्वाद में पौष्टिकता, शुद्धता, स्वाद और विभिन्न प्रकार के औषधीय गुण पाए जाते हैं, जो इसे सूर्य की किरण के समान गुणकारी बनाते हैं.

तोहफा है यह देश का :

आम भारत, पाकिस्तान और फिलिपीन्स का राष्ट्रीय फल तो है ही मगर हमारे लिए यह शान की बात है कि आम के उत्पादन में भारत पहले स्थान पर है. वास्तव में विश्व को आम का उपहार भारत ने ही दिया. समय के साथ आम की खेती अफ्रीका, ब्राजील, बरमूडा, बेस्टइंडीज और तथा मैक्सिको तक पहुँची.रामायण-महाभारत में भी आम के उपवनों का जिक्र है. इस फल का जुड़ाव हमारी संस्कृती से इस कदर है कि उत्सवों में आम की पत्तियों के बन्दनवार, कलश पर आम के पत्तों से सजावट की जाती है.
जायके के ढेरों इंतजाम दुनिया भर में आम की 1500 के करीब किस्में हैं, जिनमें से लगभग 100 किस्में भारत में उगाई जाती हैं. अपने औषधीय गुणों में अव्वल आम में प्रोटीन, विटामिन, कार्बोहाइड्रेट और शर्करा पर्याप्त मात्रा में होते हैं. पेट, हृदय, त्वचा, आँखों के लिए फायदेमंद आम रक्त को शुद्ध करने और भूख बढ़ाने मदद करता है. पूरे मौसम में एक तय मात्रा में खाया जाने वाला आम रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाता है.

बादशाह को प्रिय यह राजा :

इतिहास में भी दर्ज है कि सभी मुगल बादशाह आम के दीवाने थे. ‘आईन-ए-अकबरी’ में भी आम की किस्मों और उनकी खासियतों का जिक्र किया गया है. बहादुरशाह जफ़र ने अपने बगीचे ‘हयात बख्श’ में कुछ मशहूर आम उगाए थे. अवध के नवाब को दशहरी आम इतने पसंद थे कि जब कि इस आम की गुठली से भी पेड़ उगाया जा सकता है तो उन्होंने एक नियम बना दिया कि जब भी किसी को आम खाने को दिया जाए तो उसकी गुठली में छेद करना अनिवार्य होगा ताकि कोई दूसरी जगह पर इस जैसे स्वाद वाला पेड़ न उगा ले.

हर संस्कृति में सुगंध : 

आम के पेड़ से कई धार्मिक मान्युतएं जैसे रासलीला, शिव विवाह आदि जुड़ी हुई हैं. साँची के स्तूपों में भी आम को लेकर कई शिल्प अंकित हैं. आम के बारे में कुछ रोचक किस्से भी खासे मशहूर हैं. बिहार के भागलपुर जिले के धरहरा गाँव में परंपरा है कि जिस घर में लड़की पैदा हो, वह परिवार बेटी आने के उत्सव के रूप में आम के 10 पौधे लगाता है.

ख़ास नाम के अनोखे आम :

आम पर कई शायरों और कवियों ने भी अपनी जादूगरी दिखाई है. अकबर इलाहाबादी का एक शेर है ‘नामा न कोई या को पैगाम भेजिए, इस फसल में जो भेजिए, बस आम भेजिए.’ वहीँ मुनव्वर राणा ने भी आम की दीवानगी को कुछ इस तरह जाहिर किया है कि ‘इन्सान के हाथों की बनाई नहीं खाते, हम आम के मौसम में मिठाई नहीं खाते.’ 
सिर्फ किताबों में ही नहीं, तमाम रिकार्ड्स व सम्मानों में भी आम का जवाब नहीं. उत्तर प्रदेश के मलिहाबाद में आम की 300 प्रकार किस्मों के लिए मशहूर पद्मश्री हाजी कलीमुल्लाह का नाम लिम्बका बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड में भी दर्ज है. उन्होंने प्रधानमन्त्री मोदी के नाम पर ‘नमो’ के अलावा आम की कई नई किस्में तैयार की है. इनमें सचिन तेंदुलकर अमिताभ बच्चन तथा एपीजे अब्दुल कलाम के नाम की किस्में भी हैं.

मेला लगता है आम का :

औसत मेले मनोरंजन से संबंधित होते हैं जबकि मैंगों फेस्टिवल स्वाद के बारे में होता है. दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में लगने वाला आम मेला बहुत लोकप्रिय है. इस मेले में आमों की 500 से अधिक किस्मों की नुमाइश होती है. एक बात और, किसी भी क्षेत्र विशेष के उत्पाद की खास पहचान के लिए जियोग्राफिक इंडिकेशन सर्टिफिकेट दिया जाता है और इसी सूची में अलफांसों आम भी शामिल है. 
वैसे आज देखा जाए तो आम के लगभग 500 से भी अधिक प्रकार/किस्म पर उन सभी के विषय में बताना संभव नहीं है, इसलिए आम के कुछ खास किस्म के विषय में उनके नाम और पाये जाने वाले स्थान के विषय में बताते हैं, जो निम्नलिखित प्रकार इस प्रकार से है :- 
ü  हिमसागर  यह आम पश्चिम बंगाल के विषय में उत्पन्न होता है.ü  लंगड़ा – यह हम उत्तर प्रदेश के वाराणसी में उगाया जाता है.ü  मालदा – यह आम बिहार के दीघा में होता है.ü  मनुकुरद एवं मुसरद – गोवा में पाये जानेवाला यह आम है.ü  बादामी – इस आम को कर्नाटक में अलफांसों भी कहते हैं और कर्नाटक में होता है यह आम
ü  बंगन पल्ली – यह आम आंध्र प्रदेश में उगाया जाता है.ü  नीलम – इस आम को हैदराबाद में उगाया जाता है.ü  देसेहरी – मलीहाबाद एवं लखनऊ में होने वाला आम है.
ü  तोतापुरी – यह मुख्य रूप से कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु में पाया जाता है.
ü  जर्दालू – यह आम बिहार में पाया जाता है.ü  केसर – यह गुजरात के सौराष्ट्र में पाया जाता है.ü  अलफांसों – रत्नागिरी महाराष्ट्र में पाया जाता है.
 आम के प्रकार, aam ke fayade
आम फलों का राजा 

आम में आये पाने वाले निम्नलिखित पोषक तत्व हैं जो हमारे शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं :

Ø  सोडियम
Ø शुगरØ सुगर
Ø विटामिन्स-बी6, डी, के, ए, ई, बी12,
Ø राइबोफ्लेविन
Ø मैंग्निशियम
Ø मिनरल
Ø फास्फोरस
Ø प्रोटीन   
Ø पोटैशियम
Ø पानी
Ø नियासिन
Ø थायमिन
Ø टोटल लिपिड फैट    
Ø जिंक
Ø कैल्शियम
Ø कार्बोहाइड्रेट
Ø आयरन

स्वस्थ, मजबूत तंदुरुस्त और हेल्दी शरीर के लिए आम के कई चमत्कारी फायदे हैं :

  1. आंखें रहती हैं चमकदार.
  2. आँखों को रखता है आम चमकदार
  3. आम में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट कोलोन कैन्सर,  प्रोस्टेट कैंसर एवं ल्यूकेमिया से बचाव करने में मदद करता है.
  4. कोलेस्ट्राल को नियंत्रित रखता है.
  5. यह फायदेमंद है त्वचा के लिए.
  6. यह हमारी पाचन क्रिया को भी सही रखने में मदद करता है.
  7. हमारे के मोटापे/वजन को भी कम करता है.
  8. हमारे शरीर की पावर को बढाता है यानि की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है.
  9. सेक्स करने की शक्ति में इजाफा करता है.
10.            आंखों के लिए आम के फायदे
11.            यह आँख की रोशनी को बढ़ाता है.  
12.            दिमाग को तरोताजा रखता है.    
13.            ब्लड प्रेशर को भी कम करता है.
14.            गर्भावस्था के समय आम के सेवन से जचा-बच्चा दोनों को फायदा        होता है.
15.            यह किडनी स्टोन की समस्या में मदद करता है.   
16.            यह दमा अथवा अस्थमा के लिए भी आम सही है.17.            डारिया होने पर आम से फायदा होता है.
18.            लीवर की समस्या में आम मदद करता है.
19.            गर्मी से बचने के लिए आम का उपयोग किया जाता है.